
‘ बैडमिंटन का मैच ‘
आज मैंने एक बैडमिंटन का खेल देखा,
हर एक सेकंड में शटल को इधर से उधर होते हुए देखा।
एक को ये जानते हुए भी की वो हारेगा ,
फिर भी उसे लड़ते हुए ,
अपनी पूरी कोशिश करते हुए देखा।
इतना तेज , इतनी जोर से मारते हुए देखा।
सामने वाले के मन में चल रहे तूफान को देखा।
एक तरफ बच्चों को झूमते हुए देखा
तो दूसरी तरफ बस चेहरे पे वो मुस्कुराहट को देखा।
हां आंखों में उनके हार था,
पर कुछ नया सीख कर गए इस उम्मीद को देखा।
आज मैंने एक बैडमिंटन का खेल देखा,
हर एक सेकंड में शटल को इधर से उधर होते हुए देखा।
~क्रतिज भार्गव पंद्रे

